किस्से बचपन के

सोमवार, 2 मई 2016

आजकल चाँवल और दाल का मिलन मुश्किल हो गया है
क्योकि दाल फिर आसमान पर है


प्रस्तुतकर्ता DILIP SHRIVASTAVA पर 12:11 am
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