शुक्रवार, 22 अप्रैल 2016

काश  हमारे बचपन में  स्मार्टफोन  होते
तो हम वो  हसीन पल कैप्चर  कर  पाते

बचपन में अक्सर  गॉव के सारे बच्चे  कभी इमली के पेड़ के नीचे , कभी आम के पेड़ के नीचे
गर्मियों की छुट्टियों में खेला करते थे , और मैं सभी बच्चों का  लीडर हुआ करता था।
असल जिंदगी तो  बचपन की ही होती है  न कोई फ़िक्र न कोई चिंता  बस अपनी धुन में मस्त मगन
और अगर  बचपन  पेड़ों की छाँव  बाग बगीचों और नदियों के किनारे  गुजरा हो तो  साहब  यादें  तो
सुनहरी  होंगी , लेकिन अफ़सोस  अब  शहरों से  नाता  मेरा है , जहाँ अब वो हसीन पल नसीब नहीं  हैं

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